September 25, 2022

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उत्‍तराखंड में जिस पार्टी का एक भी विधायक नहीं उसने हरीश रावत को ज्‍वाइन करने का दिया न्‍यौता

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हरीश रावत के इंटरनेट मीडिया पोस्‍ट के बाद उत्‍तराखंड कांग्रेस में उठे भूचाल को शांत करने के लिए मुख्‍यालय ने वरिष्‍ठ नेताओं ने को दिल्‍ली तलब किया है। जिसके बाद विपक्ष कांग्रेस पर लगातार हमले कर रहा है।

हरीश रावत के इंटरनेट मीडिया पोस्‍ट के बाद उत्‍तराखंड कांग्रेस में उठे भूचाल को शांत करने के लिए मुख्‍यालय ने वरिष्‍ठ नेताओं ने को दिल्‍ली तलब किया है। जिसके बाद विपक्ष कांग्रेस पर लगातार हमले कर रहा है। मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस में कई तरह के गिरोह और गुट चल रहे हैं। कांग्रेसी खुद नहीं तय की पा रहे हैं कि उनका नेता कौन है। वहीं उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के शीर्ष नेता काशी सिंह ऐरी ने कहा कि अगर पूर्व सीएम हरीश रावत कांग्रेस छोड़ते हैं तो उनका उक्रांद में स्वागत किया जाएगा। पहाड़ के विकास के लिए उनको भी पार्टी में शामिल किया जाएगा। उत्तराखंड क्रांति दल उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने की अवधारणा के साथ अस्तित्व में आया था। राज्य आंदोलन में यूकेडी की खासी महती भूमिका रही। यही कारण रहा कि राज्य गठन के बाद उत्तराखंड क्रांति दल मजबूत राजनीतिक दल के रूप में जनता के बीच खड़ा था। इसका असर पहले विधानसभा चुनाव में देखने को मिला। वर्ष 2002 में उक्रांद ने गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत दल के रूप में चुनाव लड़ा। दल ने इस चुनाव में 62 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे। जनता ने उक्रांद को पूरा सहयोग दिया। दल को कुल 5.49 प्रतिशत वोट के साथ ही चार सीटों पर जीत भी हासिल हुई। इसी वोट प्रतिशत के आधार पर उक्रांद को राज्य स्तरीय राजनैतिक दल के रूप में मान्यता मिली और वह प्रदेश का पहला क्षेत्रीय राजनैतिक दल बन गया।

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