September 29, 2022

ExpressNews24x7

Leading News Channel Expressnews24x7

World No Tobacco Day- उत्‍तराखंड में 33.7 प्रतिशत पुरुष कर रहे तंबाकू का सेवन, महिलाएं भी कुछ कम नहीं

Spread the love

 जिसका सेवन व्यक्ति को धीरे-धीरे मौत के मुंह में धकेलता जाता है। बावजूद इसके लोग बड़ी संख्या में तंबाकू उत्पाद का सेवन कर रहे हैं। हालांकि, उत्तराखंड के लिए तंबाकू सेवन करने वालों का आंकड़ा कुछ राहत का संकेत दे रहा है।ग्लोबल एडल्ट टोबेको सर्वे 2016-17 के अनुसार राज्य में 43.5 प्रतिशत पुरुष और 9.3 प्रतिशत महिलाएं धूमपान व तंबाकू का सेवन करती थीं। यह संख्या अब कम हुई है। अब उत्तराखंड में 33.7 प्रतिशत पुरुष और 4.6 प्रतिशत महिलाएं धूमपान व तंबाकू का सेवन करती हैं। बहरहाल आंकड़ा कुछ कम हुआ है

धूमपान से बढ़ा रहा हैं जोखिम

उत्तराखंड में 32 साल पहले जीवन का सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर जन्म के समय वजन कम होना था। इससे सबसे ज्यादा मौत होती थी, लेकिन आज जनस्वास्थ्य के लिए धूमपान सबसे बड़ा खतरा है।इसमें मौजूदा और 1990 में जीवन के जोखिम को लेकर तुलनात्मक अध्ययन किया गया है। तब जीवन में जोखिम के 15 प्रमुख फैक्टर में धूमपान आठवें पायदान पर था। जबकि अब पहले रैंक पर है।

तंबाकू से नुकसान

  1. तंबाकू से मुंह, गले या फिर फेफड़ों का कैंसर होने की प्रबल संभावना रहती है। साथ ही फेफड़े संबंधी अन्य रोग जैसे सीओपीडी, टीबी, निमोनिया आदि का जोखिम अधिक होता है।

2. तंबाकू सेवन करने वाली महिलाओं में गर्भपात की दर सामान्य महिलाओं से तकरीबन 15 फीसदी अधिक होती है। फेफड़ों का कैंसर, दिल का दौरा, सांस की बीमारी, प्रजनन संबंधी विकार, निमोनिया, माहवारी से जुड़ी समस्याएं ज्यादा होती है

3. तंबाकू का सेवन टाइप-2 डायबिटीज, एसिडिटी की समस्या, दृष्टिदोष का भी कारण बनता है और हड्डियों से कैल्शियम कम कर देता है।

About Post Author


Spread the love