September 25, 2022

ExpressNews24x7

Leading News Channel Expressnews24x7

उत्तराखंड में 20 मई के बाद आ जाएगा प्री मानसून, मई-जून में झुलसाने वाली गर्मी के आसार नहीं

Spread the love

अप्रैल की रिकार्ड तोड़ गर्मी झेलने के बाद मई के साथ शुरू हुआ राहत भरा मौसम आगे भी जारी रहेगा। मई व जून में झुलसाने वाली गर्मी के आसार नहीं दिख रहे। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि 15 मई तक तापमान में तेजी रहेगी। इसके बाद पारे की चाल धीमी पडऩे लगेगी। यहां तक कि दक्षिण पश्चिम मानसून भी इस बार समय से पहले दस्तक दे सकता है।

कुमाऊं में अप्रैल तीसरे व चौथे सप्ताह तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच रहा। मई शुरुआत में पहले पश्चिमी विक्षोभ व बाद में बंगाल की खाड़ी में बने असानी चक्रवात के कारण पूर्वी हवा के साथ नमी आने उत्तराखंड में बारिश हुई। इसके चलते मई में तपने वाली हल्द्वानी, रुद्रपुर समेत पूरी तराई में पारा 33 से 35 डिग्री के आसपास बना रहा।जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के मौसम विज्ञानी डा. आरके सिंह ने बताया कि कई बार स्थानीय प्रभाव के कारण भी ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश होती है। हवा की दिशा घूमने से तराई तक ठंडी हवा पहुंचने से भी तापमान कम रहता है। डा. सिंह ने बताया कि 20 मई के बाद प्री-मानसून बारिश की संभावना रहेगी। इस कारण तापमान में अधिक तेजी की संभावना नहीं रहेगी। मई के आखिरी दिनों में दो से तीन दिन तापमान में थोड़ी तेजी रहेगी।अरब सागर में हाई प्रेशर बना हुआ है। इससे हवा की गति बढ़ जाती है। इस आधार पर मौसम विज्ञानियों ने इस बार दक्षिण पश्चिम मानसून के नौ से 10 दिन पहले केरल तट पहुंचने का अनुमान जताया है। आमतौर पर यह एक जून को पहुंचता है। मौसम विभाग ने अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। 20 मई के बाद आने वाले मानसून पूर्वानुमान से स्थिति स्पष्ट होगी। मौसम विज्ञानी डा. आरके सिंह ने बताया कि प्रबल संभावना है कि मानसून जल्दी आ जाए। अगर ऐसा हुआ व केरल तट से सामान्य गति से आगे बढ़ा तो 10 से 12 जून के आसपास मानसून उत्तराखंड पहुंच सकता है। मानसून के उत्तराखंड पहुंचने की सामान्य तिथि 18 से 20 जून है।

About Post Author


Spread the love