September 29, 2022

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नाबालिक लडकी की बरामदगी /अभियोग के अनावरण हेतु श्रीमान पुलिस उप महानिरीक्षक/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा आवश्यक निर्देश दिए गये,

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घटना का विवरण-
दिनाक 20-03-2022 को वादी ने थाने पर आकर लिखित प्रार्थना पत्र दिया कि मेरी नाबालिक बहन कु0 कविता ( काल्पनिक नाम ) उम्र 17 वर्ष दिनाक 17-3-22 को घर से बिना बताये कही चले जाने के सम्बन्ध में दिया, जिस पर थाना रायपुर पर तत्काल मु0अ0सं0 129/2022 धारा 365 भादवि बनाम अज्ञात पंजीकृत कर विवेचना उ0नि0 अर्जुन सिंह गुसाई, चौकी प्रभारी मयूर विहार के द्वारा सम्पादित की जा रही है । चूकि मामला नाबालिक लडकी का होने के कारण थाना प्रभारी रायपुर द्वारा नाबालिक की बारमदगी हेतु 02 टीम का गठन किया गया ।

पुलिस टीम द्वारा की गयी कार्यवाहीः-
नाबालिक लडकी की बरामदगी /अभियोग के अनावरण हेतु श्रीमान पुलिस उप महानिरीक्षक/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा आवश्यक निर्देश दिए गये, जिसके क्रम मे श्रीमती सरिता डोबाल, पुलिस अधीक्षक नगर एव श्री अनिल जोशी क्षेत्राधिकारी नेहरूकलोनी देहरादून के दिशा-निर्देश मे थाना प्रभारी रायपुर अमरजीत सिह रावत द्वारा गठित टीमो का नेतृत्व करते हुये नाबालिक के आने जाने वाले रास्तो पर लगे करीब 37 CCTV कैमरो को चैक किया गया ,दौराने विवेचना यह प्रकाश मे आया कि ममला प्रेम प्रसंग से सम्बन्धित है। विवेचना के दौरान यह प्रकाश मे आया कि उक्त नाबालिक लडकी का किसी आकाश नाम के लडके के साथ प्रेम प्रंसग चल रहा है, पुलिस टीम द्वारा पतरसी- सुरागरसी करते हुये ज्ञात हुआ कि आकाश नाम का लडका भी उसी दिन से घर से फरार चल रहा है, जिस पर पुलिस द्वारा नाबालिक लडकी का फोटो/पम्मलेट जारी कर बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन व समीपवर्ती जनपदो मे तलाश जारी रखते हुये मखबीर मामूर किये गये। दिनाक 27-3-22 को पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुयी कि उक्त नाबालिक लडकी कु0 कविता अपनी बहन के घर ढाकपटटी राजपुर क्षेत्र मे है। इस सूचना पर थाना रायपुर से विवेचक व बाल कल्याण अधिकारी के साथ मुखबिर द्वारा बताये स्थान पर पहुचे जहा पर उक्त नाबालिक लडकी आकाश नाम के लडके के साथ थी। उक्त नाबालिक लडकी से म0उ0निरी0 /बाल कल्याण अधिकारी द्वारा पूछताछ करने पर उसके द्वारा बताया कि मैने और आकाश ने दिनाक 16-3-2022 की रात्रि को नरेन्द्र उर्फ बन्टी निवासी करनपुर डालनवाला नाम के लडके की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को अगले दिन जंगल मे ले जा कर झाडियो के पास गड्डा खोदकर दफना दिया था। घटना के उपरान्त हम दोनो देहरादून से दिल्ली / आसाम भाग गये थे, जब हमे लगा कि किसी को पता नही चला तो हम दोनो देहरादून वापस आ गये। जिस पर पुलिस टीम द्वारा थाना डालनवाला मे नरेन्द्र के समबन्घ मे जानकारी की गयी तो ज्ञात हुआ कि नरेन्द्र उर्फ बन्टी के समबन्ध मे थाना डालनवाला पर मु0अ0सं0 87/2022 धारा 364 भादवि0 पंजीकृत है, जिस पर पुलिस टीम द्वारा दोनो को थाने पर लाया गया व थाना डालनवाला से विवेचक को पूछताछ बुलाया गया , बाद पूछताछ के आभि0 की निसानदेही पर गुमशुदा / अपर्हता नरेन्द्र उर्फ बन्टी के शव को बरामद कर उसके परिजनो से शिनाख्त करायी गयी। बाद पंचायातनाम शव को पोस्टमार्टम हेतु कोरोनेशन अस्पताल भेजा गया । अभियुक्त गणो के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। अभियुक्त गणो को माननीय न्यायलय के समक्ष पेश किया जायेगा व मु0अ0सं0 87/2022 धारा 364 भादवि0 अभियोग मे धारा 302/201/34 भादवि0 की बढोत्तरी की गयी ।

अभियुक्त गणो से पूछताछ का विवरण –
अभि0 आकाश पुत्र सुरेन्द्र निवासी चावला चौक करनपुर थाना डालनवाला देहरादून ने पूछने पर बताया कि मेरी महाराणा प्रताप चौक के पास अम्बे टायर सर्विस की दुकान है। मेरी उम्र 22 वर्ष है, मेरे पिता 5-6 महीने से लापता है। मेरे घर में मेरी माता के अलावा चार भाई व 02 बहने हैं। मै कु0 कविता को एक वर्ष से जानता हू। हमारी मुलाकात फेसबुक के माध्यम से हुयी थी। हम दोनो गहरे दोस्त बन गये और एक दुसरे को प्यार करने लगे। नरेन्द्र उर्फ बन्टी पुत्र स्व0 अमर सिंह निवासी नालापानी रोड डालनवाला जो सुषमा को परेशान करता था जबकि वह जनाता था कि मेरे और कु0 कविता का आपस मे प्रेम प्रसंग है और हम दोनो शादी करना चाहते है फिर भी नरेन्द्र अपने मोहल्ले मे कु0 कविता के चरित्र को लेकर बदनामी करता था, जिससे कि मेरी और कु0 कविता की शादी नही हो पाये। हम दोनों ने नरेन्द्र को काफी समझाने की कोशिश की व विनती की हम दोनो शादी करने वाले है, कु0 कविता के चरित्र को लेकर मोहल्ले मे बदनामी मत कर लेकिन वह अपनी हरकतो से बाज नही आया, तब मैने व कु0 कविता ने नरेन्द्र उर्फ बन्टी को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। दिनाक 16-3-2022 को कु0 कविता की बडी बहन अपने काम से मसूरी गयी थी और कु0 कविता घर पर अकेली थी। शाम को लगभग 07 वजे सुषमा ने मुझे चिडोवाली में अपने कमरे मे बुलाया। मै कु0 कविता के कमरे चीडोवाली मे गया तब हम दोनो ने मिलकर नरेन्द्र को मारने का इससे अच्छा मौका न देखकर सुषमा ने फेसबुक मैसेन्जर से काल कर के नरेन्द्र से बात की। नरेन्द्र अपने घर पर था, वह आने से मना कर रहा था, लेकिन कु0 कविता ने उसे चिकनी-चुपडी बातो मे फसा कर नरेन्द्र को अपने कमरे में बुलाया और हम दोनो ने नरेन्द्र को रास्ते से हटाने प्लान के मुताबिक कमरे मे बुलाया। प्लान के मुताबिक मैं बाहर के कमरे मे बेड नीचे छुप गया था, लगभग 7.30 बजे शाम को नरेन्द्र उर्फ बन्टी कमरे मे आया और अन्दर वाले कमरे मे बेड पर बैठ गया। कु0 कविता भी उसके साथ बेड पर बैठी थी। नरेन्द्र उर्फ बन्टी शराब के नशे मे था, जब उसको नशा ज्यादा हुआ तब वह बेड पर लेट गया, कु0 कविता उसके बगल मे लेट गयी थी। मै चुपचाप अन्दर वाले कमरे मे गया और मैने अपने बेल्ट से नरेन्द्र उर्फ बन्टी का गला दबाया, कु0 कविता ने उसके दोनो हाथ पकड रखे थे। उसके नाक से खून बहने लगा। कुछ देर बाद मैने उसके मुह पर अपने हाथो से घुसा मारा था, जब हमे लगा कि वह मर गया है तब हम दोनो ने कमरे मे रखे प्लाटिक के कटटो मे नरेन्द्र के दोनो पैरो को पीछे से मोडकर उस कटटो मे ऱख दिया था और तार से बांध दिया। फिर हम दोनो ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनायी। रात भर हम दोनो वही कमरे मे रहे और मेरे पास बुलेट थी, शव को ठिकाने लगाने के लिये स्कूटी की जरुरत थी इसलिये मैं अगले दिन सुबह स्कूटी लेने अपनी बहन के घर गया, वहा से नीले रंग की स्कूटी एक्टिवा लेकर तपोवन रोड मे आमवाला ननूरखेडा मे NCC मुख्यालय के सामने पुलिया के पास खाली ग्राउन्ड से चढाई मे मन्दिर के पास जंगल मे लगभग 200-300 मीटर अन्दर गया, वहा पर मैने जंगल में झाडियो के पास गडढा खोदा और फिर स्कूटी लेकर कु0 कविता के कमरे मे आया। नरेन्द्र उर्फ बन्टी के शव को कन्धे मे उठाकर स्कूटी के आगे रखा और कटटे के ऊपर अपने दोनो पैर रखकर स्कूटी को चलाकर तपोवन रोड मे आमवाला ननूरखेडा मे NCC मुख्यालय के सामने पुलिया के पास खाली ग्राउन्ड से चढाई मे मन्दिर के पास जंगल मे लगभग 200-300 मीटर, जहा पर मैने पहले से गढढा खोद कर रखा था, शव को गढढे मे दबा दिया था और जिस बेल्ट से मैने नरेन्द्र उर्फ बन्टी का गला दबाकर हत्या की थी, उसे भी मैने वही पास में फैक दिया, फिर मै वापस आकर कमरे से कु0 कविता को भी अपने साथ उसी जगह के पास ले गया, जहा पर मैने नरेन्द्र उर्फ बन्टी का शव गढढे मे दबाया था और दूर से इशारा कर कु0 कविता को जगह बतायी। फिर हम दोनों ने देहरादून से भगने की योजना बनायी। हम दोनो कुछ सामान व रूपये लेकर बस से हरिद्धार गये, एक दिन वहां रुक कर फिर हम दोनो ट्रेन से दिल्ली गये और वहाँ से आसाम चले गये। जब हमें लगा कि किसी को पता नही चला तो हम दोनो वापस कु0 कविता के बहन के कमरे मे आ गये। जब कु0 कविता की बहन ने कु0 कविता से पूछा तो उसने डर के मारे उसे सारी बात बता दी थी, साहब जहां पर मैने नरेन्द्र उर्फ बन्टी का शव दफना रखा है, मै आपको उस जगह ले जाकर शव को बरामद करा सकता हूं और जिस बैल्ट से नरेन्द्र का गला घोंटा वह भी मै वहीं से बरामद करा सकता हूं। अभियुक्ता कु0 कविता द्वारा भी अभि0 आकाश के बयानो का समर्थन करते हुये कहा कि आकाश सही कह रहा है।

बरामद माल का विवरण —
1-अभि0 आकाश का मोवाईल –सैमसंग
2-एक प्लाटिक के डिव्वी मे शव के नीचे से मिट्टी सादा
3-एक पुलिन्दा प्लाटिक के कटटे मे तीन प्लास्टिक की पन्निया खून आलूदा
4-एक प्लाटिक के पारदर्शी डव्वे के अन्दर ब्रेक वायर
5-एक प्लास्टिक के डिव्वे मे घटना मे प्रयुक्त एक काले रंग की वैल्ट

मार्गदर्शन/पर्यवेक्षण अधिकारी
1- श्रीमती सरिता डोबाल पुलिस अधीक्षक नगर देहरादून
2- श्री अनिल जोशी क्षेत्राधिकारी नेहरूकलोनी देहरादून
3- श्रीमती जूही मनराल क्षेत्राधिकारी डालनवाला देहरादून

पुलिस टीम —
1- श्री अमरजीत सिह थाना प्रभारी थाना रायपुर देहरादून
2- श्री आशीष रावत व0उ0निरी0 थाना रायपुर देहरादून
3- श्री अर्जुन सिह गुसाई चौकी प्रभारी मयूरविहार थाना रायपुर देहरादून (विवेचक)
4- श्री राजेन्द्र सिह चौकी प्रभारी मालदेवता थाना रायपुर देहरादून
5- श्री नरेन्द्र सिह थाना रायपुर देहरादून
6- श्री वेद प्रकाश थाना रायपुर देहरादून
7- म0उ0निरी0 भावना कर्णवाल बाल कल्याण अधिकारी थाना रायपुर
8- कानि0 1012 रोविन चन्द थाना रायपुर , आरक्षी 953 विलोचन ,आरक्षी 115 मुकेश वंगवाल ,आरक्षी 1387 पवन कुमार ,म0आरक्षी 1457 मनीषा ,म0आरक्षी 180 मोहिनी ।

पुलिस टीम थाना डालनवाला –
1- श्री नन्दकिशोर भट्ट प्रभारी निरीक्षक डालनवाला देहरादून
2- श्री महादेव उनियाल व0उ0निरी0 कोलवाली डालनवाला देहरादून
3- श्री कमलेश प्रसाद गौड चौकी प्रभारी नालापानी थाना डालनवाला देहरादून
4- कानि0 1628 जसवन्त सिह थाना डालनवाला देहरादून

फील्ड यूनिट — कानि0 1524 अरविन्द आर्य

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