September 25, 2022

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प्रदूषण को थामने में CNG भी असमर्थ, मानव स्वास्थ्य पर इसका गंभीर दुष्प्रभाव

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हर साल की तरह हांफती-घुटती दिल्ली में एक चुप खतरा नाइट्रोजन डाइआक्साइड (एनओ2) का भी भयानक रूप में होना है। दिल्ली राज्य प्रदूषण नियंत्रण केंद्र डीपीसीसी के रियल टाइम डाटा से यह तथ्य सामने आया है कि राजधानी में कई जगह एनओ2 का स्तर चार गुना तक बढ़ा हुआ है। ये हालात तब हैं जब दिल्ली में डीजल से चलने वाले वाहनों की आमद पर पाबंदी लगी हुई है। हम पीएम 10 और 2.5 पर चिंतित हैं, जबकि एनओ2 का इस तरह बढ़ना उससे भी ज्यादा खतरनाक है। एक अध्ययन बता रहा है कि एक से 25 नवंबर के बीच राजधानी में एनओ2 का स्तर औसतन 65 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज हुआ है

यूरोप में हुए शोध बताते हैं कि सीएनजी वाहनों से निकलने वाले नैनो मीटर आकार के बेहद बारीक कण कैंसर, अल्जाइमर और फेफड़ों के रोग का खुला न्योता हैं। पूरे यूरोप में इस समय सुरक्षित ईंधन के रूप में वाहनों में सीएनजी के इस्तेमाल पर शोध चल रहे हैं। विदित हो कि यूरो-6 स्तर के सीएनजी वाहनों के लिए भी कण उत्सर्जन की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है और इसीलिए इससे उपज रहे वायु प्रदूषण और उसके मनुष्य के जीवन पर कुप्रभाव और वैश्विक पर्यावरण को हो रहे नुकसान को नजरअंदाज किया जा रहा है। 

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