September 29, 2022

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पुलवामा के तीन साल : पुलवामा के बाद बदल गया देश, दो सप्ताह में ही ले लिया था बदला

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 तीन साल पहले पुलवामा में हमला कर देश के दुश्मनों ने हमारे हौसले को तोडऩे की साजिश रची थी पर देश ने ऐसा माकूल जवाब दिया कि वह फिर सिर उठाने के काबिल नहीं रहे। 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ के काफिले पर हुआ हमला देश की अस्मिता पर सीधा हमला था। हमले में देश ने 40 जांबांज सूरमाओं को खो दिया पर उसके बाद जो हुआ पूरी दुनिया ने वह देखा। पुलवामा के बाद देशभर में गुस्से का उबाल ऐसा उठा कि अब आतंक के रहनुमाओं को कोई ठोर नहीं मिल रहा है। हमारे सुरक्षाबलों ने साबित कर दिया कि भारत अपनी सीमाओं और संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ी तो दुश्मन को उसके घर में घुसकर मार भी सकता है।

पुलवामा हमले के 12 दिन के भीतर भारत ने बदला ले भी लिया। वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतर बालाकोट में आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की और उन्हें ध्वस्त कर दिया। इस हमले ने जैश का कैडर काफी हद तबाह हो गया और 300 के करीब आतंकी मारे गए थे। इसके बाद भी हमारे सुरक्षाबल नहीं थमे और कश्मीर में छिपे साजिश में शामिल आतंकियों का चुन-चुन पर सफाया किया गया।

आतंक के बाद निर्णायक जंग अब अंतिम पड़ाव के करीब पहुंचती दिख रही है और उनके समर्थन करने वाले अलगाववादी भी आज कश्मीर में कहीं नहीं दिखते। इतना ही नहीं अब कश्मीर की सड़कों पर आजादी के नारे नहीं देशभक्ति के तराने गूंजते दिखते हैं।

यह था पुलवामा हमला : हुआ यह था कि जैश सरगना मसूद अजहर ने पाकिस्तान के इशारे पर भारत पर हमले की साजिश रची थी और 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ के काफिले को एक विस्फोटकों से लदी कार ने सीधी टक्कर मार दी। इस धमाके में हमारे 40 वीर जवान बलिदान हो गए।

26 फरवरी की सुबह भारत ने लिया बदला : एयरस्ट्राइक के लिए भारतीय वायुसेना ने मिराज-2000 विमानों ने 25 फरवरी, 2019 की आधी रात के बाद मिराज-2000 विमान ने ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी। भारत के 12 मिराज-2000 विमान 26 फरवरी तड़के तीन बजे पाकिस्तानी सीमा में दाखिल हुए और बालाकोट में जैश के आतंकी ठिकाने पर बम बरसाए। इस एयरस्ट्राइक में जैश के आतंकी शिविर को तबाह कर दिया गया।

पुलावामा के शहीदों को देश करता है याद : तीन साल बाद भी उन जवानों देश नमन करता है। पुलवामा में इन बलिदानियों की याद में स्मारक बनाया गया है। इस स्मारक के लिए शहीदों के गांवों की माटी लाई गई है।

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