October 6, 2022

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UP Election 2022 : पिछली बार इन सीटों पर जीत और हार का अंतर पांच हजार से भी कम मतों का था

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यूपी के पिछले विधानसभा चुनाव में 44 सीटें ऐसी थीं, जहां जीत-हार का अंतर पांच हजार मतों से कम का रहा था। कहीं एक जाति या मजहब के दो दिग्गज मजबूती से लड़े तो तीसरे को फायदा मिला, तो कहीं वोट काटने वाले प्रत्याशियों ने चुनौती खड़ी कर दी। नोटा के ‘सोटा’ ने भी खूब रंग दिखाया। 11 सीटें ऐसी थीं जिनपर नोटा को मिला वोट, हार-जीत के अंतर से अधिक था। इस गुणा-भाग में सबसे ज्यादा 16 सीटों पर नुकसान सपा को उठाना पड़ा था। वहीं, बसपा  भी मामूली अंतर से 10 सीटें जीतने से चूक गई थी।

अब कहानी उन योद्धाओं की जो जीत के बेहद करीब थे। प्रदेश में सबसे कम 171 वोट से डुमरियागंज में भाजपा के राघवेंद्र प्रताप सिंह जीते थे। यहां दूसरे नंबर पर थीं बसपा की सैयदा खातून। राघवेंद्र को 67,277 वोट तो सैयदा खातून को  67,056 मत मिले थे। मतों के स्कोर बोर्ड पर नजर दौड़ाएं तो नोटा को 1611 वोट मिले थे। इस सीट पर मुस्लिम मतदाता बंटे, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिला। सहारनपुर की रामपुर मनिहारन सुरक्षित सीट पर भी यही हाल रहा। यहां भाजपा के देवेंद्र कुमार निम ने बसपा के रविंद्र कुमार मोल्हू को महज 595 मतों के अंतर से हराया था। यहां नोटा को 856, तो रालोद प्रत्याशी को 695 मत मिले थे।

मोहनलालगंज : 530 वोटों से जीती थी सपा, 3471 मत मिले थे नोटा को

खनऊ की मोहनलालगंज सुरक्षित सीट पर सपा के अंबरीष पुष्कर ने बसपा के राम बहादुर को 530 वोटों से हराया था। यहां नोटा के हिस्से में 3471 मत गए थे। मोहनलालगंज में भाजपा समर्थित प्रत्याशी आरके चौधरी भी मैदान में थे। पर, उनके कमल चिह्न पर नहीं लड़ने से भी सपा-बसपा का मुकाबला बेहद करीब का हो गया। श्रावस्ती में भाजपा के रामफेरन सपा के मो. रमजान से मात्र 445 वोटों से जीते। ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के प्रत्याशी ने 2932 वोट पाकर सपा का खेल खराब कर दिया।

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