September 29, 2022

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उत्तराखंड राजकीय मानसिक चिकित्सालय सेलाकुई,ढो रहा अपने सामर्थ से दुगना बोझ

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देश जहा हर दिन नई नई बुलन्दियो को हासिल कर रहा है। हर कोई अपने आप को प्रतिस्पर्धा की हिस्सा मानते हुये अपने आप को तनाव मे महसूस कर रहा है  आर्थिक,व्यवसायिक, शैक्षिक  तो कोई सामाजिक तौर से मानसिक तनाव से परेशान है यही मानसिक तनाव अपने चरम पर पहुंचे तो इंसान को अपराध के रास्ते तक ले जाता है। ये हमारा नहीं अपितु  स्वस्थ्य विभाग और पुलिस का भी यही  कहना है

          इसी बात को गंभीरता से लेते हुये उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशवासियों को मनोरोग से दूर रखने के लिए 2004  मे  सेलाकुई मे उत्तराखंड राजकीय मानसिक चिकित्सालय बनवाया और तब से ये चिकित्सालय निरंतर प्रदेश और सीमावर्ती प्रदेशों को अपनी सेवा प्रदान कर रहा है जहा रोजाना 100-200 रोगी ओपीडी मे आते है जिनको निशुल्क दवा वितरण किया जाता है ।

          आज आलम ये है की  मानसिक चिकित्सालय  मे 26 बेड भर्ती मरीजो के लिए है । जिनमे से 13 बेड पुरुष वार्ड मे तथा -13 बेड महिला वार्ड को आवंटित है। जो की तेजी से बढ़ते रोगियो के लिए नाकाफी साबित हो रहे है इसी के मदधेनज़र सरकार मे अस्पताल का उच्चीकरण कर इसको 100 बेड का अस्पताल बनाने का काम चालू करा दिया है इसी कड़ी मे पहला काम भवन निर्माण है जो की 2022 के मार्च मे पूरा हो जाएगा परंतु  आज जिस स्थिति मे अस्पताल है उस स्थिति मे ये उच्चीकारण भी नकाफी  है क्यू की अभी अस्पताल के पुरुष वार्ड मे हर बेड पर 2 रोगी सो रहे है। यही स्थिति महिला वर्ड की भी थी परंतु कुछ महिलाओ को नारी-निकेतन भेजा गया है जिससे वार्ड की स्थिति कुछ बेहतर हुई है। जब हमने अस्पताल प्रशासन से इस विषय मे बात की तो सी0एम0एस0 डॉक्टर अभिषेक गुप्ता  से   पता चला की अभी अस्पताल मे जो भी परिजन अपने रोगी को भर्ती करना चाहता है उनको प्राइवेट वार्ड ही मिल सकते है

क्यू की अस्पताल ने पहले से ही अपनी सामर्थ से दोगुना मरीजो को  जर्नल वार्ड मे भर्ती किया हुआ है ऐसे मे प्राइवेट वार्ड मे उपचार चाहने वाले रोगी के परिजनो को ज्यादा पैसा चुकाना  पड़ेगा और ऐसे मे किसी भी प्रकार की वित्त सहायता नहीं मिल पायेगी और उनसे इस प्रकार शुल्क लिया जाएगा

जर्नल वार्ड                                                   प्राइवेट वार्ड

पंजीकरण शुल्क  — 28/-रू0पंजीकरण शुल्क  — 28/-रू0
अन्त: रोगी भर्ती शुल्क:-       143/- रू0अन्त:  रोगी भर्ती शुल्क—-143/- रू0
प्रथम 3 दिन भर्ती शुल्क —-निशुल्करोगी भर्ती शुल्क         :- 428 रू0 प्रतिदिन
3 दिन के बाद प्रतिदिन शुल्क       —-56/- रू 

          वही सी0एम0एस0 डॉक्टर अभिषेक गुप्ता ने  बताया की अस्पताल मे जल्द ही मानसिक रोगियो के उपचार के लिए कई नए उपकरण की भी बात की गई है जिनमे शॉक ट्रीटमेंट प्रमुख है इस विधि से रोगी को जल्द ही स्वस्थ लाभ मिलता है,  कई गैर सरकारी संस्थानो से मिल कर अस्पताल भविष्य मे अपनी सेवाओ को और बेहतर करेगा जिससे रोगियो को लाभ होगा,

          अस्पताल प्रशासन के अनुसार वर्तमान मे अस्पताल मे पूरा स्टाफ है और उच्चीकारण के बाद अस्पताल मे नए स्टाफ की भर्ती की भी  बात कही।

          ऐसे मे प्रदेश की जनता सरकार से सवाल कर रही है की जिस विभाग को सरकार का सबसे ज्यादा पैसा आवंटित होता है वो विभाग जनता के प्रति कितना संवेदनशील है 2004 से 2021 तक के सफर मे अस्पताल को क्या कुछ मिला न तो पार्किंग की उचित व्यवस्था है न ही बेड आवशयक्ता के अनुरूप  सरकार और विभाग जनता को दे पायी  उच्चीकारण के नाम पर 100 बेड वो भी आज की आवशक्ता को पूरा नहीं कर पाएंगे फिर भविष्य मे जनता को पूरे संसाधन कब तक प्रदेश सरकार उपलब्ध करा पाएगी और ऊपर से सीमावर्ती प्रदेशो के रोगीयो को सरकार  किस तरह से देखती है ये बात भी अभी तक साफ नहीं है। बाहरी प्रदेश के रोगियो की प्राइवेट वार्ड मिलेंगे या उत्तराखंड की गरीब लाचार जनता ही अतिरिक्त शुल्क देकर अपनी जेब ढीली कराएगी।

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