(गौरव रतन) देहरादून। भारत की सनातन परम्परा, ऋषियों द्वारा अपनाई गई जीवन शैली, प्रकृति का समादर तथा ऋतुओं का महत्व। इन सब का समावेश ही योग है। योग किसी क्रिया विशेष से सम्बंधित नही है। इसलिए अष्टांग योग मे यम, नियम, आसन तथा प्राणायाम का पालन करना अधिक आवश्यक बताया गया है। योग को ब्रहमचर्य की अवस्था से ही महत्वपूर्ण बताया गया है। इसके माध्यम से जीवन की कठनाईयों पर जीत हासिल की जा सकती है। योग बच्चों में अधिक प्रभावी एवं सकारात्मक परिवर्तन करता है। जिससे एकाग्रता एवं लक्ष्य प्राप्ति में सहायता मिलती है। आज पढाई को लेकर बच्चों मे जिस प्रकार का तनाव तथा अवसाद उत्पन्न हो रहा है। उन सबका समाधान योग है। योग बच्चों के लिए ब्रहमास्त्र का काम करता है।

देखें वीडियो: कक्षा 3 की छात्रा प्राणवी
इसी भाव को लेकर डालनवाला, दून इन्टरनेशनल स्कूल मे कक्षा 3 की छात्रा प्राणवी ने छठे अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपने घर रहकर योग की क्रियाये की। प्राणवी कहती हैै कि वे योग की क्रियाये रोज करती है क्योकि योग करना मुझे अच्छा लगता है। इससे करने के बाद मेरा पढाई मे जल्दी मन लगता है। योग करने के लिए वे घर के लोगों को भी जागरूक रखती है। योग दिवस के अवसर पर लोगों को जागरूक बनाने के लिए प्राणवी कहती है कि कुछ देर योग करने से पूरा दिन अच्छे से गुजरता है। और पढाई के साथ दूसरे कामों के भी मन लगता है। इसलिए सब को मिलकर योग करना चाहिए।
देहरादून
कोरोना महामारी की समाप्ति के लिए सूर्यग्रहण में विशेष पूजन अर्चन।

हरिद्वार। सूर्यग्रहण प्रारम्भ के अवसर पर परम पूज्य महामण्डलेश्वर कैलाशानन्द ब्रह्मचारी जी महाराज पीठाधीश्वर पौराणिक सिद्धपीठ श्री दक्षिण काली मन्दिर, नीलधारा गंगा तट, चण्डीघाट, हरिद्वार (उत्तराखण्ड) ने काली मन्दिर परिवार के समस्त महात्मा, विद्यार्थी व शिष्यों के साथ सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए पवित्र नील धारा गंगा में स्नान किया। पूज्य गुरु जी के नेतृत्व में पूरे ग्रहण काल में विशेष पाठ किया गया। ग्रहण की समाप्ति पर पूज्य गुरु जी के नेतृत्व में हरिद्वार के श्रीमान जिलाधिकारी महोदय सी. रविशंकर जी, श्रीमान पदम जी(क्षेत्र प्रचार प्रमुख, पश्चिम यू.पी. व उत्तराखण्ड), श्री कपिल शर्मा जी और काली मन्दिर परिवार के समस्त महात्मा, विद्यार्थी व शिष्यों ने पुनः माॅ माँ गंगा में स्नान किया। स्नान के पश्चात पूज्य गुरु जी ने माँ गंगा का विशेष पूजन अर्चन कर वैश्विक महामारी कोरोना की समाप्ति के लिए प्रार्थना किया। तत्पश्चात पूज्य गुरु जी ने उपस्थित गणमान्य के साथ महामाई काली का दर्शन कर कोरोना महामारी से भारत ही नहीं अपितु पूरे विश्व के जनमानस की मंगलकामना के लिए पूजन व प्रार्थना किया।

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